राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला! चढ़ावे की गिनती से सुरक्षा तक बदले नियम, नई व्यवस्था से अनियमितताओं पर लगेगी रोक

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए कई अहम बदलाव लागू करने की घोषणा की है। ट्रस्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती से लेकर प्रशासनिक संचालन तक नई प्रणाली अपनाई जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

चंपत राय से मुलाकात पर कोषाध्यक्ष ने दी जानकारी

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। उनके अनुसार, यह मुलाकात उनका स्वास्थ्य जानने के उद्देश्य से हुई थी। उन्होंने कहा कि चंपत राय पूरी तरह स्वस्थ हैं और ट्रस्ट में किए जा रहे संगठनात्मक बदलावों को लेकर उनके मन में किसी प्रकार की नाराजगी या असंतोष नहीं है।

उन्होंने कहा कि चंपत राय ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया है और ट्रस्ट की नई कार्यप्रणाली का भी समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना था कि अब व्यवस्थाएं किसी एक व्यक्ति पर आधारित नहीं होंगी, बल्कि संस्थागत प्रणाली के तहत संचालित की जाएंगी।

चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया हुई और सख्त

कोषाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने उस स्थान का निरीक्षण भी किया, जहां श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती की जाती है। इस व्यवस्था में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई नए इंतजाम किए गए हैं। उनका दावा है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की आशंका काफी कम हो जाएगी।

जल्द होगी मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति

ट्रस्ट ने यह भी जानकारी दी कि मंदिर प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जल्द ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद प्रशासनिक व्यवस्था अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और सुचारु तरीके से संचालित की जा सकेगी।

संतों के सुझावों पर भी होगा अमल

गोविंद देव गिरी ने बताया कि उन्होंने अयोध्या के कई संतों से भी मुलाकात की। संतों ने ट्रस्ट के निर्णयों का समर्थन करते हुए पूजा-पद्धति और कुछ अन्य व्यवस्थाओं में सुधार के सुझाव दिए हैं। ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया कि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

ट्रस्ट सदस्य बोले- व्यवस्थाएं लगातार हो रही हैं बेहतर

ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में दर्शन और पूजा-पाठ की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति को आवश्यक कदम बताते हुए कहा कि इतने बड़े धार्मिक परिसर के बेहतर संचालन के लिए पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था जरूरी है। उनका कहना था कि आलोचनाओं के बावजूद ट्रस्ट अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहा है।

क्या होंगे प्रमुख बदलाव?

  • चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाई गई।
  • व्यक्तिगत व्यवस्था के स्थान पर संस्थागत प्रणाली लागू की जाएगी।
  • मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जल्द नियुक्ति होगी।
  • संतों के सुझावों के आधार पर पूजा-पद्धति और अन्य व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
  • ट्रस्ट का दावा है कि नई व्यवस्था से मंदिर प्रशासन पहले से अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगा।

 

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